सोराइसिस के रोग में लाभकारी होती हैं ये दस चीजें

सोराइसिस के रोग में लाभकारी होती हैं ये दस चीजें

सोराइसिस के रोग में लाभकारी होती हैं ये दस चीजें

सोराइसिस
सोराइसिस
सोराइसिस त्वचा में होने वाला एक हठी रोग होता है जिसमें त्वचा परत दर परत उतरती जाती है । सफेद रंग की चमकदार झिल्ली के रूप में उतरती त्वचा रोगी को शारीरिक रूप से तो बीमार बनाती ही है मानसिक रूप से भी परेशान करती है । इस रोग का सही कारण अभी तक ज्ञात नही हो सका है फिर भी कुछ लोग इसको फंगल इन्फेक्शन के कारण होने वाला रोग मानते हैं और कुछ रोग इसको शरीर की रोग प्रतिरोधी शक्ति से जुड़ा हुआ रोग मानते हैं । वैसे तो इस रोग की समुचित चिकित्सा लगभग सभी मुख्य चिकित्सा पद्धतियों में उप्लब्ध है लेकिन यह रोग ठीक बहुत धीमी गति से होता है । इस लेख में हम आपको बता रहे हैं दस उन चीजों के बारे में जो किसी भी चिकित्सा के साथ आपको सोराइसिस के रोग में आराम देने में बहुत मदद करती हैं ।

सोराइसिस में लाभकारी है ओटमील:-

ओटमील के पाउडर को अपने नहाने के पानी में मिलाकर नहाने से सोराइसिस के रोग में सूखी पड़ती त्वचा को नमी मिलती है जिस कारण से खुजली और सूजन में कमी आती है । ओटमील के एक कप पाउडर को गुनगुने पानी से भरे टब में घोलकर 20 मिनट के लिये इस पानी में बैठ जायें । ध्यान रखें कि रोग वाला हिस्सा पानी के अन्दर रहे । 20 मिनट के बाद बाहर निकलकर सूती तौलिये से शरीर को दबा दबा कर पोंछ लें, रगड़कर शरीर को नही सुखाना है । इसके बाद शरीर पर कोई हर्बल मॉइस्चराइजर लगायें । इस तरह से यह स्नान रोज एक बार करना है ।

सोराइसिस में लाभकारी है सेब का सिरका :-

सेब का सिरका शरीर, त्वचा और खून का पी०एच० स्तर को सुधारता है और संक्रमण को फैलने से रोकता है । इसके सएवन से शरीर की खुजली और सूजन में भी आराम मिलता है । सेवन करने के लिये एक गिलास ताजे पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर रोज दो बार सेवन करें । सोराइसिस पर लगाने के लिये भी इसको प्रयोग किया जा सकता है । एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर सोराइसिसवाले स्थान पर रूई के फाहे से लेप करें । रोज एक या दो बार कर सकते हैं ।

सोराइसिस में लाभकारी है आइस पैक :-

आइस पैक के प्रयोग से भी जलन और सूजन में आराम मिलता है । यह नसों को कुछ देर के लिये सुन्न करके दर्द के संकेतों को दिमाग तक पहुँचने को बन्द करता है जिस कारण से दर्द का अहसास कम होता है ।

सोराइसिस में लाभकारी है सेंधा नमक :-

त्वचा से जुड़े सभी रोगों में सेंधा नमक को लाभकारी पाया जाता है । साधारण नमक जहॉ त्वचा के लिये बहुत हानिकारक होता है सेंधा नमक उतना ही लाभकारी सिद्ध होता है । खाने में प्रयोग करने के साथ साथ इसको नहाने के पानी में मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है । इसके पानी से सप्ताह में दो बार नहाना पर्याप्त होता है ।

सोराइसिस में लाभकारी है लहसुन :-

लहसुन एण्टीओक्सीडेण्ट का अच्छा स्रोत है और सूजन को दूर करने के लिये सबसे अच्छी औषधियों के रूप में जाना जाता है । इसके सेवन से त्वचा पर सूजन लाने वाला लाइपोक्सीजिनेस नामक एन्जाइम नष्ट हो जाता है । साथ ही इसकी जीवाणुनाशक प्रकृति के कारण यह इन्फेक्शन को भी रोकता है । एलोवेरा के गूदे के साथ लहसुन का पेस्ट मिलाकर सोराइसिस पर लेप करके पाँच मिनट के लिये छोड़ दें और फिर उसको साफ कर दें । इस प्रयोग को रोज किया जा सकता है । रोज सुबह 2 कली लहसुन का भी सेवन किया जा सकता है ।

सोराइसिस में लाभकारी है जैतून का तेल :-

जैतून का तेल लगाने से त्वचा मुलायम और नम बनती है साथ ही यह त्वचा की उतरने वाली परत की रफ्तार को कम करता है । जैतून के तेल को हल्का गरम करके सोराइसिस से प्रभावित स्थान पर रोज एक या दो बार हल्की मालिश करनी चाहिये ।

सोराइसिस में लाभकारी है हल्दी :-

हल्दी में पाया जाने वाला कुरक्यूमिन नामक केमिकल कम्पाउन्ड सूजन और दर्द को खत्म करने में प्रभावी होता है इसके अलावा हल्दी एक बहुत अच्छा एण्टीऑक्सीडेण्ट भी होता है । सोराइसिस के रोगी हल्दी का सेवन गाय के दूध में घोलकर कर सकता है । हल्दी को उबालकर ठण्डे किये गये पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर भीसोराइसिस से प्रभावित हिस्से पर लेप किया जा सकता है ।

सोराइसिस में लाभकारी है मुलहठी :-

मुलहठी की जड़ में ग्लाइसिरिझिन नामक कम्पाउन्ड पाया जाता है जो त्वचा पर आने वाली लालिमा और सूजन को कम करने में प्रभावी होता है । इसके सेवन से त्वचा की खुजली और परत उतरने का समाधान मिलता है । मुलहठी का चूर्ण रोज दो बार 5-5 ग्राम किया जा सकता है ।

सोराइसिस में लाभकारी है ग्लीसरीन :-

ग्लीसरीन त्वचा को खूबसूरत बनाने के साथ साथ आवश्यक नमी भी प्रदान करती है । सोराइसिस से प्रभावित शरीर के हिस्से पर ग्लीसरीन का लेप करने से त्वचा की सेहत सुधरती है । हर आठ घण्टे के बाद त्वचा पर ग्लीसरीन का लेप करते रहना चाहिये ।

सोराइसिस में लाभकारी है एलोवेरा :-

एलोवेरा का गुदा त्वचा में होने वाली खारिश के लिये बहुत अच्छा तत्व होता है । यह त्वचा पर एक रक्षक परत बना देता है जिस कारण रोग के ठीक होने में विशेष मदद मिलती है । त्वचा पर रोज दो बार एलोवेरा के गूदे का लेप जरूर करना चाहिये ।
सोराइसिस के रोग में लाभ करने वाली दस चीजों की जानकारी वाले इस लेख में दिये गये सभी घरेलू प्रयोग हमारी समझ में पूरी तरह से हानिरहित हैं, फिर भी आपके आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इनको सेवन करने की हम आपको सलाह देते हैं । ध्यान रखिये कि आपका चिकित्सक ही आपके शरीर और रोग को सबसे बेहतर समझता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नही होता है ।
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