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ये लक्षण बताते हैं कि आँते कमजोर हैं, कही आपके साथ भी तो कमजोर आँतों की समस्या नही है ?

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ये लक्षण बताते हैं कि आँते कमजोर हैं, कही आपके साथ भी तो कमजोर आँतों की समस्या नही है ? ये लक्षण बताते हैं कि आँते कमजोर हैं, कही आपके साथ भी तो कमजोर आँतों की समस्या नही है ? एक स्वस्थ पेट एक स्वस्थ शरीर और मन को बनाए रखने का रहस्य है! आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए एक व्यवस्थित कार्यशील पाचन तंत्र आवश्यक है गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में बहुत से बैक्टीरिया पाये जाते है, जो कई महत्वपूर्ण कार्यों को करने में सहायता करते है। ये अच्छे बैक्टीरिया शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं, अच्छा महसूस करवाने वाले सेरेरोटोनिन का मस्तिष्क में उत्पादन करते हैं, भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, और शरीर से हानिकारक पदार्थों और विषाक्त पदार्थों को नष्ट करते हैं । किंतु यदि जठरांत्र संबंधी मार्ग में अच्छे जीवाणुओं की तुलना में खराब जीवाणु अधिक हो जाते है, तो समस्यायें पैदा होने लगती हैं । आंत में बैक्टीरिया के असंतुलन से संभावित रूप से अन्य अंगों और शारीरिक प्रणालियों के सुचारू रूप से काम करने पर भी प्रभाव पड़ता है । वास्तव में, आँत में बैक्टिरिया के असंतुलन से हार्मोनल असं...

अब दाँतों के डॉक्टर को भूल जाओ, खुद 5 मिनट में दाँतों में जमा मैल साफ कीजिये

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अब दाँतों के डॉक्टर को भूल जाओ, खुद 5 मिनट में दाँतों में जमा मैल साफ कीजिये अब दाँतों के डॉक्टर को भूल जाओ, खुद 5 मिनट में दाँतों में जमा मैल साफ कीजिये Home Remedies for Yellow Teeth-पीले दांत के लिए घरेलू उपचार : आज वर्तमान युग में काफी लोग किसी न किसी नशे का शिकार है शराब,गुटका,पान,तम्बाखू .सिगरेट आदि का सेवन करते है ये सभी वस्तुए आपके चमकीले दांतों की चमक (Teeth shine) के साथ साथ आपको रोग से भी प्रभावित कर रहा है आपके दांतों (Teeth) की जड़ को कमजोर कर देता है आपका ये सेवन-जो लोग दिन में दो बार ब्रश और उचित साफ़ सफाई आदि करते है उनके दांत तो स्वस्थ है लेकिन जो लोग गुटके -पान शराब का सेवन अधिक मात्रा में करते है उनके दांतों पे पीला-पन (pallor) आ जाता है कई बार टेट्रासाइक्लिन (Tetracycline) नामक दवा के कारण भी दांतों पर पीले धब्बे पड़ जाते हैं जानकारी के अभाव में दांतों को साफ करने के लिए लोग कई तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं इसका भी दांतों पर बुरा प्रभाव पड़ता है तथा उम्र के साथ कई बार दांतों पर इनेमल की परत जमती चली जाती है जिसके कारण दांत पीले हो जाते हैं यदि आप दां...

घर में इस जगह लटका दे फिटकरी का एक टुकड़ा इतना बरसेगा पैसा संभाल नही पाओगे

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घर में इस जगह लटका दे फिटकरी का एक टुकड़ा इतना बरसेगा पैसा संभाल नही पाओगे घर में इस जगह लटका दे फिटकरी का एक टुकड़ा इतना बरसेगा पैसा संभाल नही पाओगे घर में इस जगह लटका दे फिटकरी का एक टुकड़ा इतना बरसेगा पैसा संभाल नही पाओगे . अक्‍सर हम फिटकरी का प्रयोग बहुत ही पहले से करते आ रहे हैं इसका प्रयोग आम तौर पर जले कटे घाव पर किये जाते हैं। फिटकरी की ऐसी ताकत होती है तो वो किसी भी परेशानी को दूर कर सकता है। . फिटकरी के उपाय को करने से आपके दुकान ऑफिस या व्यापार में तरक्की क्या योग बनेंगे यदि आपको लगता है कि लाभ प्रयास के बावजूद भी आप का व्यापर आगे नहीं बढ़ रहा कोई ना कोई रुकावट आ रही है या फिर कही पैसा फंसा हुआ है। 50 ग्राम फिटकरी का टुकड़ा घर के प्रत्येक कमरे में तथा कार्यालय के किसी कोने में अवश्य रखना चाहिए। इससे वास्तुदोषों से रक्षा होती है। . यदि आपके घर में या कारोबार में बर‍कत नहीं हो रही तो फिटकरी का टुकड़ा दुकान या घर के मुख्य द्वार पर काले कपड़े में बाँधकर लटकाने से बरकत आती है। नजर दोष व नकारात्मकता दूर होती है। . यदि कर्ज से परेशान है तो थोड़ी मात्रा में फिटकरी को ले औ...

Tonsillitis टॉन्सिल होने पर ध्यान रखें इन बातों का जल्दी ठीक होगा

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Tonsillitis टॉन्सिल होने पर ध्यान रखें इन बातों का जल्दी ठीक होगा Tonsillitis टॉन्सिल होने पर ध्यान रखें इन बातों का जल्दी ठीक होगा tonsillitis गलें के अन्दर दोनों तरफ एक एक गाँठ होती हैं जिन्हे टॉन्सिल कहा जाता है । शरीर में किसी तरह का इन्फेक्शन होने पर कई बार इनमें से एक या दोनों गाँठ सूज कर फूल जाती है इस रोग को Tonsillitis अथवा टॉन्सिल होना बोलते हैं, जो गल्र को अन्दर से बन्द कर देती है और दर्द होता है । इसके साथ बुखार होना भी सामान्य बात है । इस रोग की व्यवस्था के लिये हम आपको कुछ अच्छे उपाय इस लेख में प्रकाशित आयुर्वेद क्लीनिक, मेरठ के सौजन्य से बता रहे हैं । Tonsillitis में तुलसी का प्रयोग :- Tonsillitis के रोग में तुलसी की पत्तियों और बीजों का बहुत अच्छा लाभ होता है । टॉन्सिल का रोगी तुलसी को पत्तों अथवा बीजों को चबाकर खा सकता है और उसके बाद गरम पानी पीना चाहिये । इसके प्रयोग का दूसरा तरीका यह भी है कि तुलसी के पत्तों का अथवा बीजों का काढ़ा बनाकर ताजा ही गरम सेवन किया जाये । Tonsillitis में लहसुन का प्रयोग :- Tonsillitis के रोग में लहसुन का सेवन करना भी बहुत ...

साइनस की समस्या के समाधान के लिये अब परेशान नही होना पड़ेगा

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साइनस की समस्या के समाधान के लिये अब परेशान नही होना पड़ेगा साइनस की समस्या के समाधान के लिये अब परेशान नही होना पड़ेगा साइनस साइनस की समस्या बहुत आम होती जा रही है ।  प्रकाशित आयुर्वेद क्लीनिक, मेरठ  के सौजन्य से इस लेख में हम आपके लिये कुछ ऐसे सरल प्रयोग दे रहे हैं जो आपको साइनस की इस समस्या से राहत दिलवायेंगे । तो चलिये बात करते हैं इस सरल और लाभकारी उपायों के बारे में । 1 :- साइनस की समस्या में लाभकारी है अदरक का काढ़ा :- 20 ग्राम अदरक को कूटकर 200 मिलीलीटर पानी के साथ पकने के लिये रख दें । जब पकते पकते पानी आधा अर्थात 100 मिलीलीटर शेष रहे तो इस काढ़े को थोड़ा ठण्डा करके पी लें । इस काढ़े को दिन में दो बार सेवन किया जाना चाहिये । अदरक का बनाया गया यह ताजा काढ़ा आपको साइनस की समस्या में राहत देता है साथ ही सीने में जमा कफ को भी निकालता है । 2 :- साइनस की समस्या में आराम देती है अजवायन और हल्दी :- अजवायन और हल्दी दोनों ही थोड़ी गरम तासीर की होती हैं और हल्दी में विशिष्ट एण्टीबॉयोटिक और एण्टीबैक्टिरियल गुण होते हैं । बराबर मात्रा में दोनों को लेकर बनाया गया चूर्ण स...

ईसबगोल के पाँच तरह के विशिष्ट योग, बिल्कुल नई जानकारी

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ईसबगोल के पाँच तरह के विशिष्ट योग, बिल्कुल नई जानकारी ईसबगोल के पाँच तरह के विशिष्ट योग, बिल्कुल नई जानकारी ईसबगोल हम लोग सामान्यतः ईसबगोल को कब्ज़ और अतिसार रोग की दवा के रूप में प्रयोग करने तक ही सीमित रहते हैं । लेकिन सत्य यह है कि ईसबगोल का दायरा उससे बहुत बड़ा है । प्रस्तुत लेख में  प्रकाशित आयुर्वेद क्लीनिक, मेरठ  के सौजन्य से हम आपको ईसबगोल के पाँच तरह के विशिष्ट योगों के बारे में बता रहे हैं । रोचक जानकारी है, जरूर पढ़ियेगा । 1 :- ईसबगोल का चूर्ण :- 100 ग्राम ईसबगोल लेकर उसमें 50 ग्राम छोटी इलायची का चूर्ण और 50 ग्राम धनिये के बीजों का चूर्ण मिलाकर साफ काँच की एयरटाईट शीशी में भर लें । इस चूर्ण को रोज दो बार 3-3 ग्राम की मात्रा में सेवन करने बुखार से लगने वाले दस्त, पुराने दस्त, पित्त के बढ़ने से लगने वाले उल्टी और दस्त, खूनी बवासीर, और पेट के भारीपन आदि रोगों में लाभ होता है । रोग की तीव्रता के अनुसार 7 दिन से लेकर 28 दिन तक इस चूर्ण का सेवन किया जाता है । 2 :- ईसबगोल की पेया :- पेया अर्थात पीने की एक तरह की दवा । ईसबगोल की पेया बनाने के लिये 20 ग्राम ई...

मुँह के छाले, कारण और बचाव के तरीके

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मुँह के छाले, कारण और बचाव के तरीके मुँह के छाले, कारण और बचाव के तरीके मुँह के छाले बार बार मुँह के छाले क्यों हो जाते हैं और इनसे शरीर को क्या नुक्सान झेलना पड़ सकता है, इनसे बचाव के और ठीक करने के क्या तरीके हैं, इस लेख में हम जानेंगे  प्रकाशित आयुर्वेद क्लीनिक, मेरठ  के सौजन्य से । मुँह के छाले एक ऐसी समस्या है जिससे अपने जीवन में हर कोई कभी ना कभी एक अथवा अधिक बार जरूर परेशान होता ही है । आमतौर पर यह विशेष चिंता का विषय नही होता है किंतु खाने और पीने में बहुत समस्या हो जाती है । गलती से भी यदि मिर्च और मसालेदार चीज कम मात्रा में भी खा ली जाये तो जैसे आफत ही बन आती है । ऐसे में यह जानना और समझना बहुत जरूरी हो जाता है कि आखिर ये मुँह के छाले अर्थात Mouth Ulcer होता क्या है और इनसे बचने और इलाज का सबसे अच्छा तरीका क्या है । बिना दर्द वाले मुँह के छाले एक गम्भीर समस्या है :- अगर ये मुँह के छाले लम्बे समय तक ठीक नही होते हैं तो इस लक्षण को गम्भीरता से सोचना चाहिये । कई बार ये मुँह के छाले मुँह में किसी तरह का दर्द नही पैदा करते हैं तब प्रायः इनकी तरफ ज्यादा ...