धूप से गरदन काली पड़कर झुर्रियॉ आ गयी हों तो

धूप से गरदन काली पड़कर झुर्रियॉ आ गयी हों तो

धूप से गरदन काली पड़कर झुर्रियॉ आ गयी हों तो

गरदन काली
गरदन काली
गरमी का मौसम और चिलचिलाती धूप, ऐसा भी नही होता कि सारा दिन घर पर ही बैठे रहें । कही आना जाना भी पड़ता है बाकि तो हम अपने शरीर के सभी अंगों का ख्याल रखते हैं किन्तु जो अंग के बारे में हम सोचते भी नही है वो है हमारी गरदन का पिछला भाग । धूप की तेज रोशनी के साथ पसीना और मैल इक्ट्ठा होकर गरदन को काला कर देता है और झुर्रियॉ भी पड़ने लगती हैं । लम्बे बाल होने के कारण गरदन काली होने की ये समस्या महिलाओं को ज्यादा होती है । इस समस्या के सम्पूर्ण समाधान के लिये एक बहुत ही अच्छा उपचार है जिसको आप स्वयं अथवा किसी और से करवा सकते हैं । चलिये जानते हैं इस उपचार के बारे में ।

गरदन काली पड़ने के उपचार का भाग नम्बर एक :-

इस उपचार के प्रथम भाग में गरदन की सफाई की तरफ ध्यान दिया जाता है । गरदन को साफ करने के लिये आपको पपीते का पका गूदा और टमाटर का रस समान मात्रा में लेकर उसमें आधा भाग दूध ( कच्चा हो तो और बेहतर ) और कुछ बूंदे नीम्बू के रस की मिलानी हैं और इनको हल्का सा घोटकर क्रीम जैसा बना लेना है । इस क्रीम से 15 मिनट तक गरदन के पीछे साबुन रगड़ने की तरह मालिश जैसा करना है और थोड़ी थोड़ी देर के बाद गरदन को साफ रूई से पोंछते रहें । पोंछने के बाद फिर से साफ क्रीम लेकर दोबारा मालिश करें । सामान्य सा दिखने वाला यह फॉर्मुला गरदन की महीन रेखाओं में बसे मैल और उससे पैदा होने वाले काले पन को निकाल कर साफ करता है ।

गरदन काली पड़ने के उपचार का भाग नम्बर दो :-

इस तरह गरदन काली हो जाने के समाधान के लिये सफाई करने के बाद आप देखेंगे कि गरदन पर महीन महीन सी झुर्रियॉ बन गयी हैं । इन झुर्रियों के समाधान के लिये 10 बूँद बादाम का तेल और 20 बूँद जैतून का तेल मिलाकर गरदन पर उंगलियों के हल्के दवाब के साथ मालिश करें । दवाब ज्यादा ना रखें और गरदन को उंगलियों से घिसे नहीं । तब तक मालिश करें जब कि सारा तेल गरदन की त्वचा में सोख ना लिया जाये । इस तरह से यह प्रयोग आपको कुछ हफ्तों तक हर हफ्ते दो बार करना है । यह प्रयोग कुहनियों के काला और रूखा हो जाने की समस्या में लाभ करता है ।
गरदन काली होने और झुर्रियॉ पड़ने की समस्या के समाधान के लिये इस लेख में दिये गये सभी प्रयोग हमारी समझ में पूरी तरह से हानिरहित हैं । फिर भी आपके आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इनको प्रयोग करने की हम आपको सलाह देते हैं । आपका चिकित्सक आपके शरीर और रोग के बारे में सबसे बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नही होता है । ध्यान रखें कि घरेलू नुस्खे किसी रोग की सम्पूर्ण चिकित्सा का विकल्प नही होते हैं । अपने रोगों की सम्पूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिये अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श करें ।
प्रकाशित आयुर्वेद क्लीनिक, मेरठ के सौजन्य से गरदन काली होने और झुर्रियॉ पड़ने की समस्या के समाधान के लिये जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँच सकती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के समबन्ध में आपके कुछ सुझाव हो तो हमें कमेण्ट के माध्यम से जरूर बतायें ।

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