पलंग तोड़ नुस्खों के नाम से मशहूर हैं ये चार प्रयोग
पलंग तोड़ नुस्खों के नाम से मशहूर हैं ये चार प्रयोग
पलंग तोड़ नुस्खों के नाम से मशहूर हैं ये चार प्रयोग

हर पुरुष का एक ही सपना होता है कि वो अपनी पार्टनर को पूरी तरह सन्तुष्ट कर सके । इस लेख में जो नुस्खे हम आपको बता रहे हैं वो इस इच्छा को पूरा करने के लिये रामबाण हैं । आप भी इनको प्रयोग करके अपने सपनों को साकार करें ।
नुस्खा नम्बर एक :-
रात को सोने से पहले एक चम्मच मुलहठी का चूर्ण में एक छोटा चम्मच देशी घी मिलाकर खा लीजिये और इसके बाद एक गिलास दूध में आधा चम्मच सौंठ और एक चम्मच देशी खाण्ड मिलाकर पी लीजिये । शरीर की सभी धातुओं को पोषण देकर शक्ति बढ़ाने में यह बहुत ही दमदार नुस्खा है ।
नुस्खा नम्बर दो :-
इमली के बीजों को चार दिन तक पानी में डालकर रख दें । चार दिन बाद जब छिलका गल जाये तो उसको उतार दीजिये और इसके बाद जो बीजों के अन्दर की सफेद मज्जा निकलेगी उसको तोलकर उसके दोगुना वजन में पुराना गुड़ लेकर एक साथ अच्छे से कूट लें और बेर के आकार की गोलियॉ बनाकर छाया में सुखा लें । सोने से आधा घण्टे पहले एक या दो गोली को पानी के साथ सेवन करने से बहुत जबरदस्त ताकत मिलती है ।
नुस्खा नम्बर तीन :-
सफेद मूसली और कौंच के बीज बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बना लीजिये । इस चूर्ण को पाँच पाँच ग्राम दिन में दो बार ताजे पानी अथवा गाय के दूध के साथ सेवन करने से पुरुष घोड़े के समान ताकतवर हो जाता है ।
नुस्खा नम्बर चार :-
सफेद या लाल प्याज का रस पाँच मिलीलीटर लेकर बराबर मात्रा में शहद और अदरक का रस मिलाकर दिन में दो बार चाटने से पुरुषों की सभी तरह की शक्ति बढ़ती है ।
इस लेख के माध्यम से लिखा गया यह उपचार हमारी समझ में पूरी तरह से हानिरहित हैं । फिर भी आपके आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इनको प्रयोग करने की हम आपको सलाह देते हैं । ध्यान रखिये कि आपका चिकित्सक आपके शरीर और रोग के बारे में सबसे बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नही होता है ।
इस लेख के माध्यम से दी गयी जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँच सकती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के सम्बन्ध में आपके कुछ सुझाव हो तो कृपया कमेण्ट करके हमको जरूर बताइयेगा ।
इस लेख के माध्यम से लिखा गया यह उपचार हमारी समझ में पूरी तरह से हानिरहित हैं । फिर भी आपके आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इनको प्रयोग करने की हम आपको सलाह देते हैं । ध्यान रखिये कि आपका चिकित्सक आपके शरीर और रोग के बारे में सबसे बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नही होता है ।
इस लेख के माध्यम से दी गयी जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँच सकती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के सम्बन्ध में आपके कुछ सुझाव हो तो कृपया कमेण्ट करके हमको जरूर बताइयेगा ।
Comments
Post a Comment