दाँतों में जमा टारटार और मसूढ़ों की छिपी मवाद साफ कीजिये और मुँह से आती बदबू को हटाइये इस प्राचीन आयुर्वेदिक तरीके से सिर्फ 20 मिनट में

दाँतों में जमा टारटार और मसूढ़ों की छिपी मवाद साफ कीजिये और मुँह से आती बदबू को हटाइये इस प्राचीन आयुर्वेदिक तरीके से सिर्फ 20 मिनट में

दाँतों में जमा टारटार और मसूढ़ों की छिपी मवाद साफ कीजिये और मुँह से आती बदबू को हटाइये इस प्राचीन आयुर्वेदिक तरीके से सिर्फ 20 मिनट में

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दाँत और मसूढ़ों की सेहत के लिये हम जाहिर तौर पर पहले सए ज्यासा जागरूक हो चुके हैं और हम में से अधिकतर लोग नियमित तौर पर अपने दाँतों और मसूढ़ों को साफ करते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम जिस भी तरह सए मंजन या ब्रश करें केवल दाँतों की ऊपरी परत ही साफ हो पाती है । दाँतों के बीच में छिपी गन्दगी और मसूढ़ों में छिपी बदबू मन्जन और ब्रश की पहुँच से दूर ही रहती है और कारण बनती है साँसों के साथ मुँह से आने वाली बदबू का । इस समस्या का सबसे सही समाधान छिपा हुआ है आयुर्वेद के ज्ञान में । जिसको आयुर्वेद में गण्डूस क्रिया कहा जाता है । इसी के बारे में आज हम आपको बता रहे हैं ।

क्या होती है गण्डूस क्रिया :-

मुँह के अन्दर तेल भरकर उसको मुँह में ही रखे रखना और लगभग 20-30 मिनट के लिये इसी अवस्था में रखना ही गण्डूस क्रिया कहलाती है । इसके लिये आप तिल का तेल, नारियल का तेल अथवा जैतून का तेल प्रयोग में ला सकते हैं । एक समय में लगभग 20 मिलीलीटर तेल का प्रयोग हो जाता है । अंग्रेजी भाषा में इसको ऑयल पुलिंग कहा जाने लगा है । आगे हम बात करेंगे कि किस तरह से यह क्रिया पूरी की जाती है ।

कैसे करते हैं गण्डूस क्रिया :-

इसको करने के लिये सबसे उचित समय प्रातः काल का होता है कुछ भी खाने से पहले । वैसे इसको किसी भी समय किया जा सकता है । अपनी पसन्द का कोई भी एक तेल लेकर उसको 20 मिलीलीटर अपने मुँह में भर लें और कम से कम 20 मिनट के लिये शांत बैठ जायें अपने मुँह को बंद करके । ध्यान रखें कि इस तेल को निगलना नही है और 20 मिनट से पहले बाहर भी नही थूकना । निगलने से यह दिक्कत है कि जो भी गन्दगी दाँतों और मसूढ़ों से निकलेगी वह पेट में चली जायेगी और रोग पैदा कर सकती है । बाहर जल्दी थूकने से इसके पूरे लाभ नही मिल पायेंगे । एक बार इस तेल को थूकने के बाद गुनगुने पानी से कुल्ला जरूर कर लेना चाहिये । आगे जानते हैं कि इसके क्या लाभ हैं ।

क्या लाभ हैं गण्डूस क्रिया से :-

गण्डूस क्रिया करने से यह दाँतों पर जमा पुराने मैल और टारटार को मुलायम करके ढीला कर देती है और दाँतों के बीच फँसा खाना आदि भी तेल से चिकना होने के कआरण बिना किसी प्रयास के अपने आप ही बाहर निकल आता है । तेल के कारण स्निग्ध्ता पैदा हो जाने के कारण मुँह के अन्दर पनप रहे बैक्टीरिया भी मर जाते हैं जिस कारण से सड़न नही पैदा होती है । इसके अलावा यह मसूढ़ों में भरी मवाद और पायरिया के इन्फेक्शन को भी साफ कर देता है । मुँह में रहने वाला कड़वापन और सूखापन भी इसके प्रयोग से राहत देता है । रोज केवल 20 मिनट इस काम के लिये भी निकालिये और आप सप्ताह भर में ही इसके लाभ पाने लग जाओगे । जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर कीजियेगा ।

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